=============================================================================================================================
|| आपकी सेवा में देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा रचित चुनिंदा हिन्दी कविताओ का अनूठा संकलन ||
=============================================================================================================================

Friday, April 8, 2011

, , , , , ,

Hum Teri Aulaad - Puneet Jain

Share

________________________________

हम तेरी औलाद - पुनीत जैन
________________________________ 

 हम तेरी औलाद
करते है फ़रियाद
सब परिवार के साथ है 
हम क्यू है अनाथ?

कभी कुदरत ने तो कभी इंसाने ने 
हर और तबाही मचाई है 
कही पर भूकंप आया 
तो कही पर नदियों में बाद आई है 
किसी ने सम्प्रदैक उन्माद बढाया 
तो किसी ने बारूदी अन्ताख फैलाया |

धरती फटी घर टूटे अपनों से अपने छुते 
बचा न कोई साथ हम हो गये अनाथ
हम भी पढना कहते है 
डॉक्टर,वकील या इंजिनियर बनना चाहते  है
रोटी कपडे और छत की हमारी भी है इच्छा 
फिर क्यू लेते हो हमारी कठिन परीक्षा 

किसके आगे फैलाई हाथ किससे करे फ़रियाद 
किसको झुकाए माथा कौन है जो रखेगा सर पर हाथ
माँ की ममता बाबा का दुलार
भाई बहिन का प्यार पाने को हम है बेकरार |

भेड़ों की तरह है हमारा हाल 
सब करते है किनारा, नहीं देता कोई सहारा
मेले और फटे कपड़ो से ढकते है तन्न
सहते है गर्मी और ठिठुरन 
हम नहीं रह पाते कभी सुकून से
क्यू आज महंगा है पानी भी खून से 

सहकर सूरज की धुप और पेट की भूक
शारीर गया है सुख, मत करो दिल पर आघात
हम नहीं फौलाद हम तेरी औलाद
करते है फ़रियाद !!!

~~ पुनीत जैन ~~
________________________________

0 comments:

Post a Comment