Is Daud Me - Neha Singh

______________________
 
इस दौड़ में - नेहा सिंह  
______________________
 
 
जिन्दगी एक दौड़ है ,
 इस दौड़  को तुम जन लो
इस
दौड़ में अकेली हु मै,
आकार मेरा हाथ  तुम थाम लो
हाथ में दिया लेकर घुमती हु मै यहा
ढूंडती हु तुम्हे पुकारती  यहा वहा
कहा हो तुम, कहा हो तुम
न जानती हु 
तुम्हे पहचानती हु मै 
तुम्हे फिर भी आवाज लगाती हु ,
कहा हो तुम ,कहा  हो तुम||
 
~~ नेहा सिंह ~~
  
______________________
 
 
 

0 comments:

Post a Comment