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|| आपकी सेवा में देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा रचित चुनिंदा हिन्दी कविताओ का अनूठा संकलन ||
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Friday, March 25, 2011

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Hum Bhartiya Hai - Chatadenge Tumhe Dhul - Ankita Jain (Bhandari) 0n Worldcup 2011

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हम भारतीय हैं - चटादेंगे तुम्हे धूल !!

A poem after Aus match victory...for Indian team..


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हम वो हैं जो मुश्किल में घबराते नहीं ,
हम वो हैं जो मंजिल से पहले हारते नहीं !
पहचानने में हमे न करना कभी भूल,
हम भारतीय हैं चटा देंगे तुम्हे धूल !!

न सोचना कभी कि हम थक जायेंगे,
चीखोगे तुम तो हम डर जायेंगे !
मिटा देंगे गर दी कभी हमे हूल,
हम भारतीय हैं चटा देंगे तुम्हे धूल !!


संतान है हम भगत और आज़ाद की,
हैं दुआएं हमे हमारी मात्रभूमि की!
बस इक "जीतना" ही है अब हमारा मूल,
हम भारतीय हैं चटादेंगे तुम्हे धूल !!


~~ अंकिता जैन ~~
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3 comments:

  1. wow.......feels so good wn u read such poems wn u r out of india..
    thank u so much for writing such poem..:)

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