=============================================================================================================================
|| आपकी सेवा में देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा रचित चुनिंदा हिन्दी कविताओ का अनूठा संकलन ||
=============================================================================================================================

Thursday, March 17, 2011

, , , , , ,

Holi Aayi - Gaurav Mani Khanal

Share
______________________


!! होली आई !!
______________________

होली तो भाई रंगों का त्यौहार है, पर यह सिर्फ रंगों तक सिमित नहीं , यह तो वो त्यौहार है जिसने भारत को रंगों के चादर तले  न जाने कब से एक प्यार भरे सूत्र से बांधे रखा है, भाई बेहेन हो, या फिर जोरू और गुलाम ,या फिर देवर साली का मामला ही क्यूँ न हो...सभी को इस होली का रंग खूब भाता है |वो होली की धूम, वो जगह जगह लोगों का जमावड़ा|सच कहा है किसी ने , होली का रंग सिर्फ कादो तक सिमित नहीं..उनकी पहुच हमारे दिल तक होती है, वह हर भाव को बिन कहे बयां करने के सक्षम होते है| और फिर बच्चों का तो कहना ही क्या, वह तो सुबह से किचेन की खिडकियों पे टकटकी लगाये रखते हैं की कब वो पल आये जब उन्हें वो सुनहरे रंगों से सुसज्जित गुजियों के दर्शन हो | भाई बच्चों की ही क्या , हम सभी गुजियों के प्रति कितनी रुझान रखते है ये भी कोई कहने की बात है..इस दिन को शाम में वो अपने दोस्तों के यहाँ जाना , उनसे अनेक बातें कहना सुनना, वो हसी मज़ाक , यह सब और बहोत कुछ | सही पूछो तो भाईचारे के सन्देश को हर घर तक पहुचाने वाला सर्वश्रेष्ठ उपाय है यह त्यौहार | तो मिल कर भाईचारे से , चलो मनाये होली |


सभी लोगो को कवितापुस्तक के तरफ से होली की शुभ कामनाएं !!

______________________

आया फाल्गुन का महिना आया,
आया बसंत झूमता आया,
खिलने लगी फुलवारी सारी,
लगने लगी धरती न्यारी,

रंगों का त्योहार आया,
चुलबुले रंगों के साथ खुशियों का पैगाम आया,
होली आई होली आई,
लेकर उत्साह और उमंग होली आई,

ब्रज मे नन्द नंदन ने टोली बनायीं,
बरसाने से राधा रानी सखिया संग आई,
अवध मे सीता संग होली खेले रघुराई,
भोले बाबा ने गौरी संग कैलाश मे पिचकारी चलाई,

मधुर बेला निराली आई,
होली की रंगों से सारी धारा खिलखिलाई,
झूमा धरती अम्बर सारा,
होली की गीतों ने ऐसी धूम मचाई,

घर घर गुजिया और मिठाई,
हर घर मे गूंज रही होली की बधाई,
होली के रंगों से सारी दुरियाँ मिटाई,
गले मिल मिल शुभकामनाये देते हिन्दू मुस्लिम सिख इसाई,

नए पुरने दोस्तों ने आवाज़ लगाई,
भर भर खुशियों की पिचकारी चलाई,
सतरंगी रंगों ने ऐसा रंग जमाया,
परायो को भी आपना बनाया,

बसंत बहार होली के रंगों का साथ,
लाये सबके जीवन मे इन्द्रधनुषी फुहार,
यारो की टोलिया आपनो का साथ,
मुबारक आपको होली का त्योहार..

~~ गौरव मणि खनाल ~~


______________________

0 comments:

Post a Comment