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|| आपकी सेवा में देश के प्रतिष्ठित कवियों द्वारा रचित चुनिंदा हिन्दी कविताओ का अनूठा संकलन ||
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Saturday, August 21, 2010

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बहेना ने भाई के कलाई से प्यार बाँधा है

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बहेना ने भाई के कलाई से प्यार बाँधा है,
प्यार के दो तार से,संसार बंधा है |
रेशम की डोरी से -
रेशम की डोरी से संसार बंधा है |

सुन्दरता में जो कन्हैया है ,
ममता में यशोदा मैय्याँ है ,
वो और नहीं दूजा कोई वो तो मेरा राजा भैया है ,
बहेना ने भाई के कलाई से प्यार बाँधा है,
प्यार के दो तार से,संसार बंधा है |

मेरा फूल है तू, तलवार है तू
मेरी लाज का पेहेरेदार है तू
मैं अकेली कहाँ इस दुनियां में
मेरा तो सारा संसार है तू
बहेना ने भाई के कलाई से प्यार बाँधा है,
प्यार के दो तार से,संसार बंधा है |

हमें दूर भले किस्मत कर दे
अपने मन से जुदा करना
सावन के पावन दिन भैया
बहेना को याद किया करना

बहेना ने भाई के कलाई से प्यार बाँधा है,
प्यार के दो तार से,संसार बंधा है |


फिल्म - रेशम की डोरी (१९७६),
सुमन कल्यानपुर द्वारा गाया गया था |







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